Life insurance || लाइफ इंश्योरेंस (जीवन बीमा) क्या है? ( Code 0026 )

Life insurance || लाइफ इंश्योरेंस (जीवन बीमा) क्या है? ( Code 0026 )

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लाइफ इंश्योरेंस (जीवन बीमा) क्या है?

लाइफ इंश्योरेंस (जीवन बीमा) क्या है? इसका क्या मतलब होता है?

लाइफ इंश्योरेंस (जीवन बीमा) पॉलिसी एक व्यक्ति और एक इंश्योरेंस प्रोवायडर (बीमा प्रदाता) के बीच किया गया एक कॉन्ट्रैक्ट (अनुबंध) है, जिसमें इंश्योरेंस कंपनी पॉलिसीधारक (पॉलिसीहोल्डर) को मासिक शुल्क/फीस (जिसे प्रीमियम कहा जाता है) के एवज में आर्थिक सुरक्षा (फायनेंशियल प्रोटेक्शन) देती है। 

इस व्यवस्था के आधार पर, पॉलिसीधारक (पॉलिसीहोल्डर) की मृत्यु होने पर या, यदि पॉलिसी मैच्योर (परिपक्व) होती है, तो कुछ समय के बाद इंश्योरेंस प्रोवायडर (बीमा प्रदाता) उस व्यक्ति को या उसके परिवार को एकमुश्त राशि का भुगतान करता है। पॉलिसी खरीदार की व्यक्तिगत माँगों और ज़रुरतों के उपयुक्त बाज़ार में विभिन्न प्रकार की लाइफ इंश्योरेंस (जीवन बीमा) पॉलिसियाँ होती हैं।

लाइफ इंश्योरेंस (जीवन बीमा) के साथ आप कौन से फायनेंशियल गोल्स (आर्थिक ध्येय) सुरक्षित कर सकते हैं?

लाइफ इंश्योरेंस प्लान (जीवन बीमा योजनाएँ) एक व्यक्ति और उसके परिवार के विभिन्न फायनेंशियल (आर्थिक) उद्देश्यों को पूरा करने में मदद करते हैं। एक व्यक्ति के कुछ लक्ष्य (गोल) जिन्हें पूरा करने में लाइफ इंश्योरेंस (जीवन बीमा) पॉलिसी सहायता करती हैं वे हैं:

  • मृत्यु की स्थिति में फायनेंशियल प्रोटेक्शन (आर्थिक सुरक्षा)
  • बच्चों के लिए शिक्षा (एजुकेशन)
  • बच्चों का विवाह
  • एक घर खरीदना/मालिक बनना
  • रिटायरमेंट (सेवा-निवृत्ति) के बाद पेंशन या नियमित इनकम (आय)

लाइफ इंश्योरेंस प्लान (जीवन बीमा योजनाओं) की मदद से आप कुछ फायनेंशियल गोल्स (आर्थिक ध्येय) हासिल कर सकते हैं। लाइफ इंश्योरेंस प्लान काफी वर्सेटाइल (बहुमुखी) होते हैं। आप आपके निर्धारित लाइफ गोल्स (जीवन के लक्ष्य) के लिए प्लानिंग कर सकते हैं और उन्हें हासिल करने में सहायता के लिए आपके इंश्योरेंस को उसमें शामिल (संरेखित) कर सकते हैं, उदा., एक एंडोमेंट प्लान (ट्रेडिशनल या मार्केट लिंक्ड) से तैयार हुए कॉर्पस (बड़ी राशि) का इस्तेमाल आप भविष्य में एक घर के भुगतान के लिए कर सकते हैं।

लाइफ इंश्योरेंस (जीवन बीमा) के विभिन्न प्रकार कौन कौन से हैं?

क्योंकि आपको पता चल गया है लाइफ इंश्योरेंस (जीवन बीमा) क्या है, अब आपको लाइफ इंश्योरेंस प्लान्स (जीवन बीमा योजनाओं) के प्रमुख प्रकारों के बारे में जानना चाहिए:

  • टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्लान – प्योर रिस्क कवर
  • यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान  (यूएलआईपी/यूलिप) – इंश्योरेंस के साथ साथ इन्वेस्टमेंट (निवेश) ऑपोर्चुनिटी (के अवसर)
  • एंडोमेंट प्लान– इंश्योरेंस और सेविंग्ज़
  • मनी बैक– इंश्योरेंस के साथ  पीरियोडिक रिटर्न्स (समय समय पर रिटर्न्स)
  • होल लाइफ इंश्योरेंस (संपूर्ण जीवन बीमा)– लाइफ एश्योर्ड के लिए होल लाइफ कवरेज /बीमित व्यक्ति के लिए संपूर्ण लाइफ कवरेज
  • चाइल्ड प्लान (बच्चों का प्लान) – बच्चों के लाइफ गोल्स (जीवन ध्येय) जैसे शिक्षा और शादी
  • रिटायरमेंट (सेवानिवृत्ति) प्लान– रिटायरमेंट के बाद इनकम (आय)

आईए आगे जानते हैं और प्रत्येक लाइफ इंश्योरेंस प्लान की बारीकियों को समझते हैं।

1. टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्लान – टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्लान  लाइफ इंश्योरेंस (जीवन बीमा) का सबसे प्योर फॉर्म (शुद्ध प्रकार) है। बिना किसी सेविंग या प्रॉफिट एलिमेंट्स (तत्वों) के साथ यह आपको लाइफ कवर प्रदान करता है। टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्लान लाइफ इंश्योरेंस का सबसे ज़्यादा किफ़ायती प्रकार है क्योंकि अन्य लाइफ इंश्योरेस प्लान की तुलना में इसके प्रीमियम काफी सस्ते होते हैं। यह लाइफ इंश्योरेंस (जीवन बीमा) का सबसे प्योर फॉर्म (शुद्ध प्रकार) है।

2. यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान  (यूएलआईपी/यूलिप) – एक यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान इन्वेंस्टमेंट और इंश्योरेंस का एक संपूर्ण मिश्रण है। यूलिप प्लान के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम के एक हिस्से का इस्तेमाल रिस्क (इंश्योरेंस) कवर के तौर पर होता है और एक हिस्सा विभिन्न फंड में इन्वेस्ट कर दिया जाता है।

पॉलिसीधारक के रिस्क टॉलरेंस (जोखिम लेने की क्षमता) के आधार पर, वे इंश्योरेंस प्रोवायडर (प्रदाता) द्वारा पेश किए गए विभिन्न फंड्स में इन्वेस्ट कर सकते हैं। इसके बाद इंश्योरेंस प्रोवायडर एकत्रित की गई राशि शेयर्स और इक्विटी जैसे विभिन्न मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंन्ट्स में इन्वेस्ट करते हैं।

3. एंडोमेंट प्लान – एंडोमेंट प्लान एक ट्रेडिशनल (पारंपरिक) लाइफ इंश्योरेंस (जीवन बीमा) पॉलिसी है जो इंश्योरेंस और सेविंग्ज़ का मिश्रण है। 

एक एंडोमेंट प्लान में यदि लाइफ एश्योर्ड यानि बीमित व्यक्ति पॉलिसी पीरियड से ज़्यादा जीता है तो इंश्योरेंस कंपनी पॉलिसीधारक को मैच्युरिटी बेनिफिट (परिपक्वता लाभ) उपलब्ध कराती है। इसके अलावा कुछ एंडोमेंट प्लान पीरियोडिक (समय समय पर) बोनस पेश कर सकते हैं जिसका भुगतान या तो मैच्युरिटी पर या पॉलिसीधारक की असामयिक मृत्यु (अनटाइमली डेथ) के मामले में किया जाता है।   

4. मनी-बैक – मनी बैक लाइफ इंश्योरेंस प्लान एक अनोखे प्रकार की लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी होती है जिसमें सर्वायवल बेनिफिट के तौर पर सम एश्योर्ड (बीमित राशि) का एक भाग इंश्योर्ड (बीमित) व्यक्ति को नियमित अंतराल में सीधे भुगतान कर दिया जाता है। इस तरीके से पॉलिसीधारक शॉर्ट टर्म (छोटी अवधि वाले)  फायनेंशियल ऑब्जेक्टिव्ज़ (आर्थिक उद्देश्य) हासिल कर सकता है।

5. होल लाइफ इंश्योरेंस – होल लाइफ इंश्योरेंस प्लान लाइफ एश्योर्ड (बीमित व्यक्ति) को संपूर्ण जीवन के लिए, या कुछ मामलों में 100  साल की उम्र तक कवर करते हैं। 

एक होल लाइफ इंश्योरेंस प्लान  खरीदने के समय, सम एश्योर्ड निर्धारित किया जाता है। खरीदे जाने के दौरान एक नॉमिनी (नामिती) का उल्लेख किया जाता है। किसी भी दुर्भाग्यपूर्ण घटना के मामले में उन्हें डेथ क्लेम और बोनस, यदि लागू होता हो, का भुगतान किया जाता है।

फिर भी, यदि लाइफ एश्योर्ड (बीमित व्यक्ति) 100 साल से भी ज़्यादा जीवित रहता है तो इंश्योरेंस प्रोवायडर लाइफ इंश्योर्ड को एंडोमेंट कॉर्पस (राशि) के जितना ही मैच्युरिटी बेनिफिट देता है।

6. चाइल्ड प्लान – चाइल्ड लाइफ इंश्योरेंस प्लान  का लक्ष्य बच्चे के भविष्य के विकास के लिए संग्रह (राशि) का निर्माण करना होता है। आमतौर पर यह एक बच्चे के एजुकेशन (शिक्षा) और शादी के लिए पैसे उपलब्ध कराने में मदद करता है।  

इस तरह का प्लान एक बच्चे के जीवन के प्रमुख माइलस्टोन्स (पड़ाव) के बाद वार्षिक तौर पर किश्तें उपलब्ध कराता है या एकमुश्त राशि का भुगतान करता है। यदि पॉलिसी टर्म (अवधि) के दौरान इंश्योर्ड (बीमित) पालक की असामयिक मृत्यु (अनटाइमली डेथ) हो जाती है – तो भविष्य के सभी प्रीमियम माफ हो जाते हैं और पॉलिसी बेनिफिट्स (लाभ) बिना किसी रुकावट के जारी रहते हैं।

7. रिटायरमेंट प्लान्स – रिटायरमेंट लाइफ इंश्योरेंस प्लान  एक व्यक्ति के रियाटरमेंट (सेवानिवृत्ति) के वर्षों के लिए एक स्टेबल (स्थिर) फायनेंशियल सोर्स (आर्थिक स्त्रोत) का निर्माण करने में मदद करता है। यह एक व्यक्ति को फायनेंशियली इंडिपेंडेंट (आर्थिक रुप से स्वतंत्र) बनाने और उन्हें बिना किसी चिंता के जीने में मदद करता है। ज़्यादातर रिटायरमेंट लाइफ इंश्योरेंस प्लान 60 वर्ष पूरे हो जाने पर सालाना पेआउट (एन्युइटी / वार्षिकी के रुप में) या एक बार दी जानेवाली एकमुश्त पेआउट ( प्रिस्क्राइब्ड लिमिट / निर्धारित सीमा तक एकत्रित राशि के कम्यूटेशन / रुपांतरण के माध्यम से) पेश करते हैं।  

पॉलिसी टर्म (अवधि) के दौरान संभावित घटना के मामले में इंश्योरर (बीमाकर्ता) आपके परिवार को इंश्योरेंस बेनिफिट (बीमा लाभ) का भुगतान करता है।

लाइफ इंश्योरेंस (जीवन बीमा) प्लान के क्या बेनिफिट्स (लाभ) है?

लाइफ इंश्योरेंस (जीवन बीमा) का मतलब और उसके प्रकार के बारे में जान लेने के बाद आपको लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी लेने के 3 प्रमुख फायदों के बारे में जानना चाहिए। लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के 3 प्रमुख फायदे इस प्रकार हैं:

1. सुरक्षा – जीवन अप्रत्याशित है और अनिश्चितताओं से भरा हो सकता है। मृत्यु जैसी एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना की संभावना को कम कर पाना मुश्किल है। ऐसी स्थितियों में एक लगातार इनकम (आय) की कमी के चलते परिवार को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। 

जीवन में शुरु से ही एक लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी में निवेश करना ऐसी संभावित घटना की स्थिति में सुरक्षा कवच के तौर पर काम करता है। लाइफ इंश्योरेंस प्रोवायडर नॉमिनी (नामिती) या बेनिफिशियरी (लाभार्थी) को पहले से निर्धारित सम एश्योर्ड (बीमित राशि) का भुगतान करने के लिए बाध्य है। इसके परिणाम स्वरुप, पॉलिसीधारक के न होने पर भी उसका परिवार सुरक्षित रहता है।

2. लॉन्ग टर्म सेविंग (लंबी अवधि की बचत) – यदि कोई लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट (लंबी अवधि के लिए निवेश) करना चाहता है तो लाइफ इंश्योरेंस (जीवन बीमा) के बारे में विचार करना महत्वपूर्ण है। इस तरह के इंश्योरेंस प्लान आपको सिस्टेमैटिक सेविंग करने और एक कॉर्पस (राशि) तैयार करने में मदद करते हैं, जिसका इस्तेमाल कई कारणों के लिए किया जा सकता है जैसे, नया घर बनाना, आपके बच्चे के लिए अच्छी शिक्षा और बच्चे की शादी के खर्च के लिए निधि उपलब्ध कराना।  

इतना ही नहीं, कुछ लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियाँ एन्युइटी के रुप में मासिक पेआउट पेश करती हैं जो रिटायरमेंट गोल्स (सेवानिवृत्ति ध्येय) का लक्ष्य रखने और उसे हासिल करने का एक आदर्श तरीका है।

3. इन्वेस्टमेंट ऑप्शन्स / निवेश के विकल्प – लाइफ इंश्योरेंस प्रोवायडर यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (यूलिप) पेश करते हैं जो मुख्य रुप से इन्वेस्टमेंट (निवेश) के साधन हैं।

ये मार्केट से जुड़े लाइफ इंश्योरेंस प्रॉडक्ट मैच्युरिटी के दौरान महत्वपूर्ण लाभ उपलब्ध कराते हैं, इसलिए इस यूलिप को एक भरोसेमंद इन्वेस्टमेंट टूल (निवेश का साधन) बनाते हैं।

आपको कितना लाइफ इंश्योरेंस (जीवन बीमा) आवश्यक है?

लाइफ इंश्योरेंस का मतलब समझने के अलावा, आपको वास्तविक रुप में कितना लाइफ इंश्योरेंस कवर ज़रुरी है इसका मूल्यांकन भी करना चाहिए। जबकि मनुष्य के जीवन का रुपयों में निश्चित मूल्य पता करना असंभव है लेकिन फिर भी आपका मोल कितना है इसे मापना आवश्यक है। आपकी ग़ैर मौजूदगी में आपके परिवार के लिए आर्थिक रुप से स्थिर होने के लिए कितने पैसों की ज़रुरत होगी इसका अनुमान लगाकर आप आपकी ह्यूमन लाइफ वैल्यू (एचएलवी) माप सकते हैं।

लाइफ इंश्योरेंस की विशेष शब्दावली (जारगन) में सम एश्योर्ड और पॉलिसीधारक के जीवन के मोल का पैसों में अनुमान (मॉनिटरी एस्टीमेशन /मौद्रिक अनुमान)  ही ह्यूमन लाइफ वैल्यू या एचएलवी है।

ह्यूमन लाइफ वैल्यू कैल्कुलेट करने के बेसिक (मूलभूत) तरीके में दो कदम शामिल हैं :

1. सभी खर्चे जैसे घर खर्च और रोज़ाना के जीवन के खर्चे जोड़ें

2. भविष्य की देनदारियाँ/ ऑब्लिगेशन्स (जैसे बकाया लोन) कैल्कुलेट करें

ऊपर बताए गए आँकड़ों को जोड़ने पर ह्यूमन लाइफ वैल्यू का एक अनुमान प्राप्त होता है जिसका मतलब आपकी लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी का सम एश्योर्ड (बीमित राशि) है।

सही लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी कैसे चुनें?

जब आपने समझ लिया है कि लाइफ इंश्योरेंस क्या है और लाइफ इंश्योरेंस की ज़रुरत को पहचान लिया है, तो सर्वश्रेष्ठ लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी चुनने के लिए आपको इन आसान कदमों के बारे में जान लेना चाहिए। इन कदमों के साथ उपलब्ध सर्वश्रेष्ठ लाइफ इंश्योरेंस प्लान चुनें:

1. इंश्योरेंस कंसल्टेंट / प्रोवायडर से संपर्क करें – भले ही शुरुआती स्तर पर यह महत्वपूर्ण न लगे, लेकिन लाइफ इंश्योरेंस लेते समय एक विश्वसनीय और जानकार इंश्योरेंस एड़वायज़र या प्रोवायडर को शामिल करना बहुत अहम है। कई लोग खुद अपने आप फ़ैसला नहीं कर पाते और उन्हें एक इंश्योरेंस एडवायज़र के विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है।   

इंश्योरेंस उद्योग के ग्राहकों का झुकाव डिजिटल मीडिया के प्रति ज़्यादा होता है लेकिन फिर भी ऐसी महत्वपूर्ण गतिविधियों के लिए बातचीत और सिफारिश [2] की उम्मीद रखें।

2. लाइफ इंश्योरेंस कवर का मूल्यांकन करें – एक लाइफ इंश्योरेंस प्रोवायडर आपको लाइफ कवर अमाउंट (सम एश्योर्ड/बीमित राशि) कैल्कुलेट करने में मदद कर सकता है। वे आपके इनकम के सोर्स / स्त्रोत, आश्रितों/डिपेंडेंट की संख्या, कोई भी लाएबिलिटीज़ / देनदारी और आपके खर्च का मूल्यांकन कर प्रीफर्ड लाइफ कवर कैल्कुलेट करते हैं।

लाइफ इंश्योरेंस प्रोवायडर बाज़ार में उपलब्ध विभिन्न प्रकार के लाइफ इंश्योरेंस प्लान में से सर्वश्रेष्ठ इंश्योरेंस चुनने में भी मदद करते हैं। इससे यह सुनिश्चित हो पाता है कि आपको एक ऑप्टिमम (सर्वोत्कृष्ट) लाइफ कवर प्राप्त हो।  इसके साथ ही, आप हमारे ऑनलाइन कैल्कुलेटर के साथ आपके लाइफ इंश्योरेंस आवश्यकताओं की जाँच कर सकते हैं।

3. लाइफ इंश्योरेंस प्लान्स की तुलना करें – मार्केट में मौजूद कई इंश्योरेंस प्रोवायडर्स विभिन्न तरह की लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियाँ पेश करते हैं। आपको यह सुनिश्चित करना ज़रुरी है कि आप सावधानीपूर्वक उपलब्ध विकल्पों में से आपके लिए सबसे उपयुक्त लाइफ इंश्योरेंस चुनें। फायनेंशियल(आर्थिक) ज़रुरतों के अनुसार उपलब्ध सर्वश्रेष्ठ लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी का लाभ उठाने के लिए आपको विभिन्न लाइफ इंश्योरेंस प्लान्स की तुलना करनी चाहिए।

इसके लिए, सभी ज़रुरतों और क्रायटीरिया (पद्धति) का विचार करते हुए विभिन्न इंश्योरर (बीमाकर्ता) के लाइफ इंश्योरेंस प्लान की तुलना कर कोई भी सबसे उपयुक्त प्लान चुन सकता है।

सुरक्षित रहने के लिए इंश्योरेंस कराएँ

लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी खऱीदना हमारे समय की एक आवश्यकता है। जबकि कई लोग विभिन्न प्रकार के लाइफ इंश्योरेंस प्लान खरीदते हैं, लेकिन सभी लोगों को इससे पेश होने वाले अनेकों बेनिफिट्स (लाभ) के बारे में पता नहीं होता। आपकी ग़ैर-मौजूदगी में, एक लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी मुश्किल दौर में आपके परिवार की सहायता करती है और उन्हें आर्थिक मदद देती है।  

इतना ही नहीं, लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी में इन्वेस्ट (निवेश) करने से बचत करने की एक अनुशासित आदत को प्रोत्साहन मिलता है। इस तरह यह किसी भी व्यक्ति को एक महत्वपूर्ण कॉर्पस (राशि) तैयार करने के लिए सक्षम करती है।

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