ट्रांसपोर्ट कंपनी कैसे खोले?

ट्रांसपोर्ट कंपनी कैसे खोले?

 

सड़कों पर आपने ट्रांसपोर्ट की गाडि़यां चलती जरूर देखी होगी। हो सकता है कि जब आपको कभी अपना सामान एक जगह से दूसरी जगह पर लेकर जाना पड़ा हो तो आपने भी ट्रांसपोर्ट की गाड़ी का ही सहारा लिया हो। जिसके लिए आपने भारी भरकम राशि चुकाई हो। बस इसे ट्रांसपोर्ट का काम कहते हैं।

लेकिन आने वाले समय में यदि आप ट्रांसपोर्ट का बिजनेस करना चाहते हैं। जानना चाहते हैं क‍ि Transport ka business kaise start kare तो हमारे इस लेख को अंत त‍क पढि़ए। अपने इस लेख में हम आपको ट्रांसपोर्ट के बिजनेस के बारे में पूरी जानकारी देंगे।

ट्रांसपोर्ट का बिजनेस क्‍या होता है?

 

ट्रांसपोर्ट का बिजनेस क्‍या होता है इस बारे में हम आपको जानकारी दें इससे पहले आइए एक बार हम आपको जानकारी देते हैं कि ट्रांसपोर्ट का बिजनेस किसे कहते हैं। क्‍योंकि बहुत से लोगों को लगता है कि ट्रांसपोर्ट के बिजनेस के अंदर केवल ट्रक या लोडिंग वाहन ही आते हैं।

लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं होता है। आपके पास यदि किसी भी तरह का वाहन है और आप उसका प्रयोग किसी इंसान या सामान को इधर उधर ले जाने में प्रयोग करते हो तो आपका वो ट्रांसपोर्ट का बिजनेस ही कहा जाएगा। हालांकि, यह बिजनेस दूसरे बिजनेस से काफी अलग होता है। इसलिए इस बिजनेस को शुरू हर कोई नहीं करना चाहता है। साथ ही इसकी लागत भी काफी ज्‍यादा आती है। इसलिए कम पैसों में इसे कभी शुरू नहीं किया जा सकता है।

ट्रांसपोर्ट का बिजनेस करने के फायदे

 

  • इसका सबसे पहला फायदा ये होता है कि आप एक बार गाड़ी खरीद लीजिए और ट्रांसपोर्ट में लगा दीजिए। इसके बाद आपकी सिर्फ आमदनी ही होती रहेगी।
  • आज के समय में भी यह एक ऐसा काम है जिसमें कभी काम की कमी नहीं रहती है। बस आपके पास वाहन और लोगों तक आपकी पहुंच होनी चाहिए।
  • इस काम के अंदर आपकी कमाई 24 घंटे होती है। क्‍योंकि ट्रांसपोर्ट की गाडि़यां कभी खड़ी नहीं रहती हैं। फिर चाहे रात हो या दिन।
  • ट्रांसपोर्ट का बिजनेस करने से समाज में एक अलग रूतबा बनता है। क्‍योंकि इस तरह का बिजनेस आज भी बेहद कम लोगों के पास है।

 

Transport ka business kaise start kare

 

आइए अब हम आपको विस्तार से जानकारी देते हैं आप अपना ट्रांसपोर्ट का बिजनेस कैसे शुरू कर सकते हैं। इसके लिए कौन कौन सी चीजों की जरूरत पड़ेगी। साथ ही आपकी कितनी लागत आएगी। इसके लिए किन बातों को आपको काम के दौरान हमेशा ध्‍यान रखना होगा। ताकि आपको नुकसान ना हो।

 

ट्रांसपोर्ट बिजनेस के प्रकार

 

ट्रांसपोर्ट का काम शुरू करने से पहले आपको तय करना होगा कि आप किस तरह के ट्रांसपोर्ट के काम में आना चाहते हैं। इसके अंदर प्रमुख रूप से दो तरह के प्रकार आते हैं।

लोडिंग वाहन ट्रांसपोर्ट

 

यदि हम पहले प्रकार की बात करें तो इसके अंदर आपको लोडिंग गाड़ी आती है। जिसमें आप ट्रक और अन्‍य तमाम साधन होते हैं। हालांकि यदि आप छोटे लेवल का ट्रांसपोर्ट का बिजनेस करना चाहते हैं तो आप एक टेम्‍पू से लेकर ट्रक तक को चला सकते हैं। क्‍योंकि काम कभी छोटा या बड़ा नहीं होता है। बस आपकी सोच में ही वो छोटा गिना जाता है।

 

सवारी वाहन ट्रांसपोर्ट

 

दूसरे प्रकार में आता है कि आप सवारी गाड़ी खरीद लें और इससे लोगों को इधर उधर ले जाने का काम करें। इसके अंदर भी आपको अच्‍छी कमाई हो जाएगी। इसके अंदर भी आप चाहें तो एक कार या टेम्‍पू से लेकर एक बस तक खरीद सकते हैं। बस आपके अंदर एक भावना होनी चाहिए कि आपको कभी भी जीवन में रूकना नहीं है। लेकिन सवारी वाहन में आपको ज्‍यादातर समय अपने वाहन के साथ ही काम करना होता है।

 

ट्रांसपोर्ट के प्रमुख बिजनेस

 

Taxi service

 

ट्रांसपोर्ट के अंदर यदि आप कम पैसों में बेहतर शुरूआत करना चाहते हैं तो आप सबसे पहले टैक्‍सी सर्विस (Taxi service) शुरू कर सकते हैं। इसके अंदर आपको सबसे पहले अपनी एक टैक्‍सी खरीदनी होगी। इसके बाद आपको देखना होगा कि आप उसे किस रूट पर चलाना चाहते हैं। रूट ऐसा हो जहां सवारी भी ज्‍यादा हों और वाहन भी कम जाते हैं। इससे आपकी आमदनी काफी ज्‍यादा होगी। बस फिर आप चाहें तो एक ड्राइवर रख लीजिए या खुद की अपनी टैक्‍सी को चलाने लगिए।

इसके अलावा यदि आप सवारी और रूट के झमेले में नहीं फंसना चाहते हैं तो आप आज के समय में जो ऑनलाइन ओला (OLA) या ऊबर (UBER) की सर्विस आ चुकी है। आप अपनी गाड़ी इनमें लगा दीजिए। इसके बाद आप देखेंगे कि आपको बिना कहीं गए सीधा लोगों के पता आपके फोन पर आ जाता है। बस आपको केवल उनको वहां तक छोड़कर आना होता है। जिसके बदले आपको पैसा मिलता है।

 

Ambulance Service

 

सड़क पर चलती आपने जब भी एम्‍बुलेंस देखी होगी तो आपको हमेशा लगा होगा कि ये उस अस्‍पताल की होगी जहां से ये आ रही है। लेकिन ऐसा हर बार नहीं होता है। खास तौर पर तब जब एम्‍बुलेंस के ऊपर किसी खास अस्‍पताल का नाम नहीं लिखा होता है।

इसलिए यदि आप चाहें तो अपनी एक एम्‍बुलेंस खरीद लें और इसके बाद उसे किसी अस्‍पताल में या राज्‍य सरकार में लगा दें। क्योंकि कई बार देखा जाता है कि राज्‍य सरकारें भी बाहरी एम्‍बुलेंस की मदद से अपने नागरिकों को अपनी सुविधाएं देती हैं। इसलिए दोनों में से आपको जो भी सही लगे आप उसे कर लीजिए। इससे भी आपकी अच्‍छी कमाई होगी।

 

Packers And Movers

 

यदि आपके पास थोड़ा ज्‍यादा पैसा है। जिससे आप एक छोटा या बड़ा ट्रक खरीद सकते हैं तो आप इस काम को शुरू कर सकते हैं। इसके अंदर आपको जो भी लोग अपना घर या दफ्तर खाली करना चाहते हैं उनका सामान पैक करना होता है और दूसरी जगह ले जाकर छोड़ देना होता है। लेकिन इस काम में जरूरी है कि आपके पास कुछ और लोग हों। जो कि सामान पैक करने में आपकी मदद करें।

इसके अंदर काम ये करना होता है कि जैसे ही आपको कोई बुलाता है कि उसके पास इतना सामान है और उसे फलां शहर में छोड़कर आना है। तो आप सामान देखते हैं और दूरी देखते हैं। इसी के आधार पर आप उसे एक रेट बता देते हैं। इसके अंदर आपको केवल सामान लाना ले जाना मात्र नहीं होता है। उसे पैक करना और लोड करना और फिर आगे जाकर उसे उतारना भी होता है। इससे काम तो लंबा होता ही है। साथ ही आपकी कमाई भी ज्‍यादा होती है।

लेकिन इस काम में थोड़ा जोखिम भी होता है कि सामने वाले का एक भी सामान टूटना नहीं चाहिए। इसके लिए आपको सामान की पैकिंग आनी चाहिए। साथ ही आपके साथ जो काम करने वाले हों। उन्‍हें काम को बड़े आराम से करना चाहिए। क्‍योंकि यदि सामाने वाले का एक भी सामान टूट गया तो उसकी भरपाई आपको मिलने वाले पैस से की जा सकती है।

 

Company Transport

 

इसके अलावा आप चाहें तो अपनी गाड़ी किसी कंपनी में भी लगा सकते हैं। जैसे कि किसी शहर में कोई कंपनी है और वहां से बनकर सामान किसी और जगह ले जाना होता है। या कच्‍चा माल कहीं दूर से लाना होता है। इसके लिए बहुत सी कंपनी ठेके पर गाड़ी रख लेती हैं। आपको बस अपनी गाड़ी और ड्राइवर दे देनी होगी। जिसके बाद कंपनी से आपको लगातार काम मिलता रहेगा और आप उसे करते रहिए।

इसके अंदर कई बार देखा गया है कि आपको अपनी गाड़ी कंपनी के हिसाब से डिजाइन भी करवानी पड़ती है। जैसे कि यदि कंपनी कोई ऐसा सामान ले जाती है जिसे एसी (AC) में रखना जरूरी है तो आपको अपनी गाड़ी में एसी लगवाना पड़ता है। साथ ही यदि कंपनी का सामान बॉक्‍स में है तो आपको उस हिसाब से डिजाइन करवानी पड़ती है। बस आपको इस काम का फायदा ये रहता है कि इसके अंदर आपको कहीं काम के लिए भटकना नहीं पड़ता है। आपका काम एक ही जगह पर फिक्स हो जाता है।

 

Bus Service

 

आपने अपने शहर में सड़कों पर बस चलती जरूर देखी होगी। इसलिए यदि आपके पास काफी पैसा है तो आप अपनी बस भी खरीदकर चला सकते हैं। इसमें भी कई प्रकार हैं। पहला तो आप चाहें तो केवल यात्री बस चलाएं जिसके अंदर आप लोगों को एक शहर से दूसरे शहर तक ले जाएं। जैसे कि रोडवेज की बसें चलती हैं। दूरी और रूट आप अपने हिसाब से तय कर सकते हैं।

लेकिन इसके अंदर आपको बस में ही रहना होगा। ताकि आपकी बस में जो भी सवारी बैठें आप उनसे किराया ले सकें। जबकि दूसरा तरीका ये है कि बस खरीदकर उसे बुकिंग में लगा दीजिए। यानि जब भी किसी को आपकी बस की जरूरत होगी तो आपसे संपर्क करेगा और आप उसे बस दे देंगे। इसका एक रेट तय होगा।

जिसके बाद आपकी बस उनके लोगों को वहां ले जाएगी और वापस लेकर आ जाएगी। विवाह शादियों या ट्रिप पर जाने वाले लोग अक्‍सर बस को बुक करके ले जाते हैं। इस काम का फायदा ये होता है कि इसके अंदर आपको ना तो बस के साथ साथ रहना पड़ता है। इसके अलावा कई बार तो आपकी बस एक साथ ही 10 से 12 दिनों के लिए बुक हो जाती है। जिससे आपको फायदा ही फायदा होता है।

 

Courier Service

 

आज के समय में ऑनलाइन सामान मंगाने का चलन काफी तेजी से बढ़ रहा है। इसलिए यदि आप चाहें तो अपनी गाड़ी कोरियर सर्विस में भी लगा दें। इसके लिए आपको किसी कोरियर सर्विस से बात करनी होगी। जो कि अपना सामान इधर से उधर ले जाती हो। जैसे कि आपने अमेजॉन (Amazon) से बात की। तो आपकी गाड़ी एक रूट पर लगा दी जाएगी। इसके बाद जो भी सामान आएगा वो आपको लोड करके लेकर आना होगा साथ ही जो सामान वापिस जाएगा उसे जाते समय वापिस लेकर जाना होगा।

यदि आपको ये काम नहीं मिलता है तो आप दूसरी कोरियर कंपनी से भी बात कर सकते हैं। जो कि लोगों के सामान या पार्सल को भेजने का काम करती हैं। वहां भी आपकी गाड़ी आसानी से लगाई जा सकती है। बस इस तरह के काम में आपको ध्‍यान इस बात का रखना होता है कि आपकी गाड़ी पूरी तरह से बंद हो। यानि रास्‍ते में यदि बारिश या आंधी तूफान आए तो सामान को किसी तरह का नुकसान ना हो। इसके अलावा बंद गाड़ी में किसी तरह का सामान चोरी होने का खतरा भी नहीं रहता है।

 

बिना जानकारी के ट्रांसपोर्ट का बिजनेस कैसे करें?

 

यदि आपको इस काम की थोड़ी भी जानकारी नहीं है तो आपके जहन में ये सवाल जरूर आ रहा होगा कि बिना जानकारी के ट्रांसपोर्ट कंपनी कैसे खोले। इसका जवाब भी हम आपको जरूर देंगे। इसके लिए आपको शुरूआत में थोड़ी मेहतन करनी होगी।

मेहनत के तौर पर आप दो तरह के काम कर सकते हैं। यदि आपके पास गाड़ी है तो आप उसे शुरूआत में कहीं किराए पर लगा दें। उदाहरण के तौर पर आपके पास बस है तो आप उसे किसी को किराए पर दे दें। बस आप उसे ड्राइवर की भूमिका में आकर चालाने काम काम करें। इससे आप धीरे धीरे सीख जाएंगे कि कैसे ट्रांसपोर्ट का काम होता है और इसके अंदर कितना मुनाफा होता है।

जबकि दूसरा तरीका ये है कि आप कुछ समय के लिए ड्राइवर का काम करें। फिर यदि आपको काम करने का तरीका समझ आता है तो आगे चलकर आप खुद की गाड़ी खरीद लें। बस फिर आप उसी तरीके से अपना काम शुरू कर दें। ट्रांसपोर्ट कंपनी कैसे खोले समझने के लिए इससे बे‍हतर कोई तरीका नहीं हो सकता है।

 

गाड़ी का पंजीकरण कैसे करवाएं?

 

ट्रांसपोर्ट कंपनी कैसे खोले में ये बात सबसे अहम है कि आप यदि कोई गाड़ी खरीदकर उसे ट्रांसपोर्ट के काम में लगाते हैं तो उसका पंजीकरण आरटीओ (RTO) आदि में करवाना जरूरी होता है। इसके लिए आप अपने आसपास किसी वकील से संपर्क कर सकते हैं। वो आपका ये काम आसानी से करवा सकता है। क्‍योंकि यदि आप खुद से ये काम करवाते हैं तो आपकी परेशानी तो लंबी लगेगी ही।

साथ ही संभव है कि आप किसी दलाल के चक्‍कर में फंस जाएं और वहां आप जरूरत से ज्‍यादा पैसा भी दे आएं। बस हमारा सुझाव यही रहेगा कि काम की जल्‍दी में बिना कागजात के गाड़ी कभी काम पर ना लगाएं। इससे आपको पुलिस और कोर्ट के बेवजह चक्‍कर लगाने पड़ सकते हैं।

 

पुलिस से कैसे बचें?

 

ट्रांसपोर्ट की गाडि़यों में पुलिस और आरटीओ की सबसे बड़ी परेशानी रहती है। क्‍योंकि अक्‍सर देखा जाता है कि ये लोग ट्रांसपोर्ट की गाडि़यों को पकड़ लेते हैं और फिर उसे छुड़ाने में काफी ज्‍यादा पैसा लग जाता है। इसके लिए सबसे जरूरी है कि आपकी गाड़ी के कागजात पूरे हों। साथ ही आपकी गाड़ी पूरी तरह से सही हो। जिससे सड़क पर किसी तरह से कोई परेशानी ना आए।

इसके अलावा आप यदि गाड़ी में ड्राइवर लगा रहे हैं तो उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस हो साथ ही वो कभी नशे में गाड़ी ना चलाता हो। इसके बाद कभी भी वो अपनी गाड़ी को ओवरलोड करके ना ले जाए। जिससे उसका चालान कटने का भय ना रहे। कुल मिलाकर आप गाड़ी पर एक ऐसा ड्राइवर लगाएं जो सड़क पर चलने के नियम तो जानता ही हो साथ ही उसे जानकारी हो कि पुलिस किन वजहों से परेशान कर सकती है।

यदि आप इन चीजों को गंभीरता से नहीं लेते हैं तो संभव है आपकी गाड़ी पुलिस जब्‍त कर ले। इसके बाद आपको उसे छुड़ाने के लिए कोर्ट और वकील में चक्‍कर में फंसकर बहुत सारा पैसा खराब करना पड़े।

 

ध्‍यान रखने योग्य बातें

 

  • कई बार देखा जाता है कि मालिक को अपनी गाड़ी की खबर ही नहीं होती है। लेकिन आप ऐसा ना करें। गाड़ी के कागजात और ड्राइवर से समय समय पर बात करते रहें।
  • यदि आपकी गाड़ी एक राज्‍य से दूसरे राज्‍य में जाती है तो उसका National Permit होना जरूरी है। इसके बिना आप उसे दूसरे राज्‍य में ना भेजें।
  • यदि आपकी गाड़ी से किसी तरह का हादसा हो जाता है। तो पुलिस से छिपने की बजाय आप पुलिस के सवालों का जवाब देने की कोशिश करें।
  • यदि आपकी दो से तीन गाडि़यां चलती हैं तो जरूरी है कि आपकी जानकारी में कोई वकील भी हो। ताकि जब भी कभी काम पड़े तो आप उससे सलाह से सकें।
  • ट्रांसपोर्ट की गाडि़यों में अक्‍सर ओवरलोड, ओवरस्‍पीड, नशे में ड्राइविंग, कागजात की कमी के ऊपर ही चालान कटते हैं। इसलिए आप इनसे हमेशा बचकर रहें।
  • शहर के अंदर बड़ी गाडि़यों को ले जाने का एक निश्चित समय तय होता है। इसलिए जब आपकी गाड़ी कहीं शहर के अंदर जाए तो ड्राइवर उस समय की जानकारी अवश्‍य हासिल कर लें।

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