मौजूदा टर्म पॉलिसी के मुकाबले 3 गुना हो सकता है ‘सरल जीवन बीमा’ का प्रीमियम ( Code 0065 )

मौजूदा टर्म पॉलिसी के मुकाबले 3 गुना हो सकता है ‘सरल जीवन बीमा’ का प्रीमियम

मौजूदा टर्म पॉलिसी के मुकाबले 3 गुना हो सकता है 'सरल जीवन बीमा' का प्रीमियम

मौजूदा टर्म पॉलिसी के मुकाबले 3 गुना हो सकता है ‘सरल जीवन बीमा’ का प्रीमियम

सरल जीवन बीमा पॉलिसी के लॉन्‍च में कीमत बड़ी अड़चन साबित हो सकती है. यह देश की पहली स्‍टैंडर्ड पॉलिसी होगी. इसका प्रीमियम इंडस्‍ट्री में अभी उपलब्‍ध टर्म पॉलिसियों के मुकाबले दो से तीन गुना ज्‍यादा हो सकता है. जनवरी से सभी जीवन बीमा कंपनियों को सरल जीवन बीमा पॉलिसी लॉन्‍च करनी है.

बीमा नियामक इरडा मध्‍यम और कम आय वर्ग तक लाइफ इंश्‍योरेंस पॉलिसी की पहुंच बढ़ाना चाहता है. इसी के मद्देनजर उसने सभी जीवन बीमा कंपनियों को स्‍टैंडर्ड टर्म पॉलिसी बेचने के निर्देश दिए हैं. लेकिन, मोर्टेलिटी रिस्‍क का मूल्‍यांकन इसमें बड़ी चुनौती है. यह महामारी के दौर में और ज्‍यादा बढ़ी है. मोर्टेलिटी रिस्‍क वह जोखिम है जो कंपनी उठाती है. यह पॉलिसीधारक की असमय मौत से जुड़ा होता है. अगर अपेक्षा से पहले ज्‍यादा इंश्‍योरेंस पॉलिसीधारकों की मौत होती है तो कंपनी को आर्थिक नुकसान होता है. प्रीमियम तय करने में मोर्टेलिटी रिस्‍क को ध्‍यान में रखा जाता है.

मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि प्रोडक्‍ट के लिए रीइंश्‍योरेंस के सपोर्ट का अभाव है. इसकी वजह प्रमुख टारगेट सेगमेंट के मोर्टेलिटी के सटीक आंकड़ों का न होना है. इस टारगेट सेगमेंट में सेल्‍फ इंप्‍लॉयड और निम्‍न आय वर्ग के लोग शामिल हैं. महामारी के बीच जोखिम और बढ़ा है. कई बीमा कंपनियों ने ब्रोकरों को जो प्रीमियम कोट किया है, उनमें काफी अंतर है.

एक टॉप प्राइवेट बीमा कंपनी के सीईओ के अनुसार, ”अंडरराइटिंग के लिए यह जटिल प्रोडक्‍ट है. रीइंश्‍योरेंस करने वाली कंपनियां इससे दूरी बना रही हैं. लिहाजा, बीमा कंपनियां मूल्‍य तय करने में जोखिम को ध्‍यान में रख रही हैं.”

पॉलिसीबाजार के चीफ बिजनेस ऑफिसर – लाइफ इंश्‍योरेंस संतोष अग्रवाल के अनुसार, टर्म पॉलिसी में जिस तरह का कवर है और कीमतें जितनी प्रतिस्‍पर्धी हैं, उसे देखते हुए सरल जीवन बीमा के दाम ज्‍यादा तय किए जा सकते हैं.

सूत्रों के अनुसार, कम से कम चार बीमा कंपनियों का धूम्रपान नहीं करने वाले 35 साल के व्‍यक्ति के लिए 25 लाख रुपये के बीमे का सालाना प्रीमियम 12,000 रुपये से 18,000 रुपये के बीच हो सकता है.

जिस रेट में टर्म पॉलिसी उपलब्‍ध कराई जाती हैं, यह उससे काफी ज्‍यादा है. इनका प्रीमियम 6,000 रुपये से 10,000 रुपये की रेंज में होता है. ग्रुप और रिटेल दोनों सेगमेंट में ये उपलब्‍ध हैं.

एक और कंपनी के सीईओ ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि महामारी से जुड़ी चुनौतियों ने रिस्‍क के मूल्‍यांकन को मुश्किल कर दिया है. मोर्टेलिटी पर सटीक डेटा के अभाव में प्रोडक्‍ट के दाम तय करने का काम कठिन हो गया है.

उद्योग ने सुझाव दिया है कि बीमा नियामक को इसे लॉन्‍च करने की समयसीमा को भी बढ़ाना चाहिए. इससे इंडस्‍ट्री बड़े पैमाने पर प्रोडक्‍ट की मार्केटिंग कर पाएगी.

सरल जीवन बीमा की क्‍या होंगी खूबियां?

यह शुद्ध प्रोटेक्‍शन प्‍लान होगा. इसमें 5 लाख रुपये से सम इंश्‍योर्ड शुरू होगा. पॉलिसी में किसी तर‍ह का मैच्‍योरिटी बेनिफिट नहीं होगा. सभी 24 जीवन बीमा कंपनियों को इसे ऑफर करना है. पॉलिसी में सरल जीवन बीमा के बाद कंपनी अपने नाम को जोड़ सकती है. अपने नाम के अनुसार सरल जीवन बीमा पॉलिसी में सुसाइड के क्‍लॉज के अलावा कोई एक्‍सक्‍लूजन नहीं होगा.

क्‍या होगा पेमेंट का तरीका?

प्रीमियम के पेमेंट का मोड सिंगल प्रीमियम, 5-10 साल की अवधि के लिए लिमिटेड प्रीमियम पेमेंट या रेगुलर लाइफ लॉन्‍ग मंथली प्रीमियम हो सकता है. पॉलिसी अवधि में पॉलिसीहोल्‍डर की मौत होने पर परिवार को सालाना प्रीमियम का 10 गुना या मौत की तारीख तक सभी चुकाई गई प्रीमियम का 105 फीसदी दिया जाएगा. सिंगल प्रीमियम के मामले में परिवार को सिंगल प्रीमियम का 125 फीसदी प्राप्‍त होगा.

कौन खरीद सकेगा?

यह प्रोडक्‍ट 18-65 साल का कोई भी व्‍यक्ति खरीद सकेगा. पॉलिसी में अधिकतम मैच्‍योरिटी की उम्र 70 साल रखी गई है. पॉलिसी की अवधि 5-40 साल हो सकती है. सम-एश्‍योर्ड 5-25 लाख रुपये की रेंज में हो सकता है.

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