कार इंश्‍योरेंस पॉलिसी लैप्‍स हो गई है? रिन्‍यू कराने से पहले इन बातों का रखें ध्‍यान ( Code 0063 )

कार इंश्‍योरेंस पॉलिसी लैप्‍स हो गई है? रिन्‍यू कराने से पहले इन बातों का रखें ध्‍यान

ન્યૂ સ્ટાઈલમાં ટીમલી સ્ટેટસ બનાવવા સીખો

कार इंश्‍योरेंस पॉलिसी लैप्‍स हो गई है? रिन्‍यू कराने से पहले इन बातों का रखें ध्‍यान

कार इंश्‍योरेंस रिन्‍यू कराना बेहद जरूरी है. पॉलिसी लैप्‍स होने के बाद अगर कार चोरी होती है या इसे नुकसान होता है तो आप पर भारी बोझ आ सकता है. ऐसे में समय से मोटर इंश्‍योरेंस पॉलिसी रिन्‍यू करा लेना चाहिए.

आमतौर पर इंश्‍योरेंस कंपनियां तय तारीख से 15 से 30 दिन का ग्रेस पीरियड देती हैं. इसमें कवर लैप्‍स होने से पहले आप प्रीमियम का भुगतान कर सकते हैं. अगर आप ग्रेस पीरियड में भी ऐसा नहीं करते हैं तो नई कार इंश्‍योरेंस पॉलिसी खरीदनी पड़ती है.

कार इंश्‍योरेंस पॉलिसी ऑनलाइन कैसे रिन्‍यू कराएं??

1. इंश्‍योरेंस एजेंसी की वेबसाइट में लॉग-इन करें और उस ऑप्‍शन को चुनें जो मौजूदा पॉलिसी रिन्‍यू करने के लिए कहता हो.

2. मौजूदा पॉलिसी नंबर और ईमेल आईडी डालकर ऑनलाइन फॉर्म भरें.

3. नई पॉलिसी के प्रीमियम का कोटेशन दिखाई देगा. अगर आप इससे सहमत हैं तो रिन्‍यूअल के लिए आगे बढ़ें. नहीं हैं तो दूसरी इंश्‍योरेंस एजेंसी में स्विच करें और बेहतर विकल्‍प देखें.

4. अगर आप कोटेशन स्‍वीकार करते हैं तो आप प्रीमियम का पेमेंट तुरंत कर सकते हैं. आप डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग या अन्‍य ऑनलाइन वॉलेट के जरिये पेमेंट कर सकते हैं.

5. पेमेंट के बाद आपके ईमेल पर एक एकनॉलेजमेंट भेजा जाएगा.

6. आपको ईमेल आईडी पर रिन्‍यू किए गए पॉलिसी डॉक्‍यूमेंट प्राप्‍त होंगे.

अगर आपको लगता है कि कोई इंश्‍योरेंस कंपनी किफायती प्रीमियम में ज्‍यादा बेहतर फीचर ऑफर कर रही है तो आप स्विच कर सकते हैं.

कार इंश्‍योरेंस रिन्‍यू कराते वक्‍त किन बातों का ध्‍यान रखें?

उपलब्‍ध विकल्‍पों की तुलना करें – रिन्‍यूअल के वक्‍त ऑनलाइन उपलब्‍ध तमाम विकल्‍पों का मूल्‍यांकन कर लेना चाहिए. यह एक अहम पैरामीटर है. स्‍पष्‍ट रूप से फीचर, प्रीमियम, इंश्‍योर्ड डेक्‍लेयर्स वैल्‍यू (आईडीवी) इत्‍यादि की जांच कर लेनी चाहिए. पता कर लेना चाहिए कि क्‍या दूसरी बीमा कंपनी बेहतर ऑप्‍शन तो नहीं दे रही है.

प्‍लान का प्रकार – थर्ड पार्टी मोटर इंश्‍योरेंस आपकी कार से दूसरे व्‍यक्ति को हुए जान-माल के नुकसान को कवर करता है. इसे खरीदना अनिवार्य है. मान लीजिए किसी के पास थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस प्‍लान है. तो, उस स्थिति में हमेशा कॉम्प्रिहेंसिव प्‍लान का विकल्‍प देखना चाहिए. इसमें थर्ड पार्टी के साथ ओन डैमेज दोनों कवर होते हैं. इस तरह एक ही प्‍लान में दोहरा बेनिफिट मिलता है.

एड-ऑन फीचर – कार इंश्‍योरेंस प्‍लान को रिन्‍यू कराते वक्‍त एड-ऑन कवर की समीक्षा जरूरी है. इस दौरान पॉलिसीधारक को सभी आवश्‍यक एडजस्‍टमेंट कर लेने चाहिए और अपना प्‍लान अपने अनुकूल बना लेना चाहिए. यह उन्‍हें अपनी जरूरत के अनुसार मौजूदा एड-ऑन कवर बढ़ाने में मदद करेगा.

कवर की शर्तें – कई बार बीमा कंपनियां नियम-शर्तों या फीचरों को बदलती हैं. अगर आप इन नए बदलावों से संतुष्‍ट नहीं हैं तो वे अलग प्‍लान चुन सकते हैं.

Shake Effect

Leave a Comment